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अँधेरा ही तो है

December 01, 2017
हर तरफ अँधेरा है, क्या हुआ प्रभात की आहट है। इसी अँधेरे ने जाने कितनी कलियों को संवारा, कितनी सीप में मोतियों का सृजन किया, कितने ख्वा...Read More

हर नाम गुरु है

September 05, 2017
वायु गुरु है, स्वांस गुरु है, नभ में विकिरित प्रकाश गुरु है। जीवन तम में किरण गुरु है, मझधारे पतवार गुरु है। नेत्र ज्योति है गुरु के क...Read More