Breaking News

Showing posts with label पुष्पेंद्र यादव. Show all posts
Showing posts with label पुष्पेंद्र यादव. Show all posts

दिल फिर से बसाया है

December 16, 2015
बहुत वीरान था ये दिल इसे फिर से बसाया है तुम्हारी चाहतों से ही ये गुलशन जगमगाया है गुलों की बेरुखी से ख़ार ग़म में डूब जाते हैं यही वो प...Read More

कविता का उपहार लिखे

August 06, 2015
भाव शिल्प रस लय में डूबी, कविता का उपहार लिखें आओ प्रियवर! हम तुम मिलकर सपनों का संसार लिखें अक्षर अक्षर रस बिखरा हो, पंक्ति पंक्ति मदम...Read More

उठो साथी

July 11, 2015
तुम्हारा आचरण हर कर्म का उपमान हो जाये तुम्हारा हर कदम माँ भारती की शान हो जाये उठो साथी कलम लेकर करो कुछ सर्जना ऐसी तुम्हारा लेख इस यु...Read More

अंतर्ध्वनि

June 15, 2015
हृदय में गूंजित अनहद नाद बढ़ाता है प्रतिपल आह्लाद मनुज रे! अंतर्ध्वनि पहचान मिटा ले मन के सकल विषाद © पुष्पेन्द्र यादव Read More

किस काम की

February 27, 2015
कर्म के बिन कामना, किस काम की भाव के बिन भावना, किस काम की लक्ष्य के बिन व्यर्थ है चलना निरन्तर बिन समर्पण साधना, किस काम की ( पुष्पे...Read More

आशुतोष अवधूत शिव

February 16, 2015
महाशिवरात्रि की असीम शुभकामनायें आशुतोष अवधूत शिव, हर हर भोलेनाथ। गौरीपति, मर्दन मदन, बंदउँ पद, धरि माथ।। गुणातीत, करुणासदन, हर लो जग...Read More

वैलेंटाइन डे?

February 14, 2015
🌺🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀 प्रेम सृष्टा है, प्रेम दाता है प्रेम अनुभूतियों का नाता है तय नहीं प्रेम का दिवस कोई प्रेम हर पल करीब लाता है - पुष्...Read More

वासंती मुक्तक

January 24, 2015
बसंती हो गया मौसम, सुनो ऋतुराज आया है हवा ने छेड़ दी सरगम, सुनो ऋतुराज आया है सुहानी भोर है, तो और मतवाली हुई संध्या नशीली हो गई शबनम, स...Read More

विविधरंगी दोहे

January 22, 2015
रतनारे लोचन सजल, हृदय अनकही पीर। बिन प्रियतम लू सम लगे, शीतल मंद समीर।। नैन छबीले बावरे, साजन बिन बेचैन। सुधि आवत भीगत हिया, बरसत हैं ...Read More

द्वार मन का..

January 15, 2015
द्वार मन का हमारे लिए खोल दो शुष्क मौसम में रस-माधुरी घोल दो क्यों प्रकम्पित अधर, मौन ओढ़े रहें बात दिल में रखो मत, चलो बोल दो - पुष...Read More

कुण्डलिया छंद

January 13, 2015
माया के बाज़ार में, बहुरंगी हर चीज। यूँ भटका मन बावरा, ज्यों ऊसर में बीज।। ज्यों ऊसर में बीज, जगत में ठग बहुतेरे। काम-क्रोध-मद-लोभ, सभी ...Read More

सर्द रात

January 08, 2015
रात गहराती जा रही थी,सर्दी पूरे शबाब पर थी। प्लेटफार्म के जनरल वेटिंग रूम के सबसे अंतिम छोर पर कोने में पड़े बूढ़े कुली दीनू के पैर सिकुड़ते ...Read More