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भारत की सैर- देहरादून

July 31, 2020
भारत की सैर- देहरादून ऊंचे पहाड़ों के बीच है दून घाटी, देहरादून है उत्तराखंड की राजधानी। फन वैली में फन है करते ऊंचे पहाड़ों में घूमा करते।। ट...Read More

20 मई - पुष्प दिवस व मधुमक्खी दिवस

May 20, 2020
20 मई - पुष्प दिवस व मधुमक्खी दिवस फूल  हमे  हमेशा   ताजगी  देता । मुस्कुराते रहने का  संदेश है देता।। काटों में  भी खिल  सकते हैं ऐसी  किस्...Read More

17 मई- विश्व दूरसंचार दिवस

May 16, 2020
17 मई- विश्व दूरसंचार दिवस दूरसंचार  से  करो नित प्रतिदिन  सबसे बात। हर काम  हो  जाता पल  में दिन हो  या रात।। दूरसंचार ने आज शिक्षा की अलख ...Read More

घर की होती शान हैं बेटियाँ

March 02, 2020
गीत : घर की होती शान हैं ये बेटियाँ रस्ते का हर एक शूल हटाना होगा घर की बेटी को आज पढ़ाना होगा घर की होती शान है ये बेटियाँ हम सबका अभिमान है...Read More

एम् डी एम् ऑडिट

April 29, 2016
एमडीएम ऑडिट _______________ साहब की सहबी में कोई कमी न थी | तयशुदा समय के बाद उपस्थित होना , विशिष्ट अंदाज़ में कुर्सी में बैठना , ऑडिट ...Read More

नौकरी मे दूध है....

July 14, 2015
लूट लो... यही तो समय है।हम लोग तो हर तरफ़ से परेशान हैं ,सरकारी मुलाजिम न हुआ सर्कस का जोकर हो गया... बल्कि उससे भी बदतर..... क्योंकि वह तो...Read More

पिता का हिस्सा

March 20, 2015
माँ कि ममता की कहानियाँ तो बहुत सी सुन रखी होंगी आप लोगों ने लेकिन एक बाप की भूमिका को कभी कोई सीरियसली नही लेता।बाप का प्यार भी असीमित और...Read More

नरिया विवाद

February 23, 2015
बड़कू,छोट्टन सब पहुंच गये.... जाने काहे की भीड़ लगी... ? फ़ड़वा,तसला सब बिखरा है.... ई काहे की है तना तनी .... ? बोधन चाचा भाग चले..... ...Read More

श्रृद्धांजलि

January 27, 2015
चित्रों मे मर्म तीखा सच्चा था वो तरीका सब चित्र बोलते थे कहने का था सलीका सब लोग समझ लेते उस चित्र की कहानी थीं बात ज़िन्दग़ी की भर...Read More

मेरे अपने

January 24, 2015
जब वह नज़दीक से गुजरे, बरबस ! झुक गई नज़रें, अब उठना नही चाहती थीं क्योंकि आभास था उन्हे 'अपनेपन' की कुटिलता का कितनी ही बार...Read More

दानों का लालच

January 17, 2015
वह एक शिकारी झाड़ी मे, लिये जाल बैठा था । जंगल की चिड़िया पकड़-पकड़, वह जंगल मे लहटा था । हाथों मे उसके कुछ दाने, जंगल सब जाने-पहचाने, ...Read More

एक पल की हार

January 17, 2015
'ज़िन्दग़ी' कि कोई निश्चित परिभाषा नही, बल्कि यह तो एक शब्द की विस्तृत व्याख़्या है इंसान कल का जीवन आज मे जीता है, और ख़त्म हो ज...Read More