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बाल पत्रिका:स्वरुप परिवर्तन की आवश्यकता

January 26, 2015
बाल मन कोरे कागज़ की तरह होता है जिसपर जैसी छाप दी जाएगी बच्चा वैसा ही आगे चलकर व्यव्हार करता है।इसलिए ये निहायत ही जरूरी है कि बच्चों के म...Read More

चवन्नी...

January 18, 2015
स्कूल जाते वक़्त की राहें याद आती हैं ; कुछ खाने को दी हुई माँ की अठन्नी याद आती है, नोटों का ज़माना है सिक्कों को कौन पूछता है; नानी...Read More

पिछला सब कुछ .......

January 05, 2015
पिछला सब कुछ भुला दे रहा हूँ मैं ज़ख्मों को अपने छुपा दे रहा हूँ बीती बातें अकेले में कचोटती हैं मुझको मैं सच सच तुम्हे सब बता दे रहा ...Read More

औरत का हिस्सा

January 05, 2015
औरत जाँत पर रखा दाना है पिसती है लगातार पिसती है घुटती है लगातार घुटती है अपनी सारी ताकत लगा देती है जाँत से बाहर आने को पर अथाह बोझ क...Read More

साथी

December 20, 2014
बीच सफ़र में साथ छोड़ दे उस साथी की चाह नहीँ प्रेम हमारा ऐसा हो जिसकी कोई थाह नहीँ बाहे जिसकी घर बन जाए बातें जिसकी खजाना हों प्...Read More

चन्दन की खुशबू

December 19, 2014
चन्दन को आज की सुबह बहुत अच्छी लग रही थी क्योकि आज पहली बार ऐसा हुआ था कि उसके पिता जी उसे न सिर्फ सड़क तक छोड़ने आये बल्कि आज घर में भी उ...Read More

सांझ

November 29, 2014
खुशनुमा नज़ारे  शान से ढलती शाम, सूरज की झुकी किरणे  शशि को कर रही प्रणाम, लहलहाती वृक्षों की डालियाँ शर्म से मुख छुपाती कलिया...Read More

पांच सिक्के

November 27, 2014
यूं बीता समय जैसे; हाथ से रेत फिसलती है, किस्मत भी न जाने कैसे;  तस्वीर बदलती है, बह जाते हैं झरने की तरह; अरमानों के समंदर , जमीन ...Read More

सहयोग

November 03, 2014
साक्षी ने अपने दो चार साथियो के साथ मिलकर कालेज में एक छोटी सी आर्गेनाइजेशन बनाई और उसका नाम रखा "मैत्री"।उसके आर्गेनाइजेशन ब...Read More

कुछ ख्याल मन के

October 31, 2014
कम ही लोग जीवन में साथ रहते हैं चलते हैं जो आबाद रहते हैं भूल जाते हैं हम अपने गमों को साथ बिताये हंसी पल याद रहते हैं मिट जाती है ...Read More