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सर्टिफिकेट

January 23, 2017
पप्पूआ में संवेदनशीलता के साथ-साथ मनबढ़ई कूट-कूट कर भरी थी.संवेदनशील इस मामले में कि वह शासन और स्कूल के नियमों से भली भांति वाकिफ था.जब म...Read More

नौकरी मे दूध है....

July 14, 2015
लूट लो... यही तो समय है।हम लोग तो हर तरफ़ से परेशान हैं ,सरकारी मुलाजिम न हुआ सर्कस का जोकर हो गया... बल्कि उससे भी बदतर..... क्योंकि वह तो...Read More