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बारिश की बूंदे

July 04, 2017
बारिश की बूंदे बहुत कुछ समेट लाती है, मेरे छुपे जज्बात जगा देती है, बूंदे। समय का चक्र कुछ देर के लिये ही सही, पर रोकने की कोशिश करती ...Read More

माँ मेरी

May 18, 2017
(एक माँ जिसको समाज की रूढ़िवादी विचारधारा के कारण अपनी अजन्मी बेटी को दफ़नाना पड़ता है , जो कि अभी हॉस्पिटल में ही है , उसकी आँख लग जाती है ...Read More