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तितली के रंग

November 14, 2015
बचपन की प्यारी  ताज़गी का ढंग अभी बाकी है लम्हों में उनके जिंदगी का संग  अभी बाकी है खो जाये न कहीं बचपन-सुकून-सपनों के बगीचे नन्ही हथे...Read More

रोशनी का त्योहार

November 12, 2015
रोशनी होती दिलों में हमेशा प्यार से मिटायें हर ग़म का अंधेरा संसार से बेबसी के आँसू नही हों किसी आँख में सीखते हम यही रोशनी के त्योहार ...Read More

चेहरे

August 20, 2015
नकाबों में छुपे हैं चेहरे कितने झूठे थे ख्वाब जो, वो सुनहरे कितने निगाहें भी निगेहबां भी हमारे वो दिखाये अक्स जो, वो दोहरे कितने ---- ...Read More

कृतज्ञ राष्ट्र की भावभीनी श्रृद्धांजलि, सलाम हमारा आदरणीय कलाम जी को,,,

July 28, 2015
गर्व उन्नत भाल के थे सम्मान, विजय-तिलक सरीखे राष्ट्र-नयनों ने उनके संग निज स्वप्न हैं सफल देखे शिक्षक थे हिंदुस्तानी, तो शिक्षक समान ही ...Read More

उठो साथी

July 11, 2015
तुम्हारा आचरण हर कर्म का उपमान हो जाये तुम्हारा हर कदम माँ भारती की शान हो जाये उठो साथी कलम लेकर करो कुछ सर्जना ऐसी तुम्हारा लेख इस यु...Read More

थाह

June 22, 2015
कौन है अपना कौन पराया थाह मिलेगी कहाँ जो सरल है उसे सहजता से राह मिलेगी कहाँ जब तक न पहचानेंगे नयन रंग इस संसार के सपन को साकार करने की...Read More

अंतर्ध्वनि

June 15, 2015
हृदय में गूंजित अनहद नाद बढ़ाता है प्रतिपल आह्लाद मनुज रे! अंतर्ध्वनि पहचान मिटा ले मन के सकल विषाद © पुष्पेन्द्र यादव Read More

चाह

May 16, 2015
अपनेपन की चाह अपने रिश्तों में रही दिल की बात दिल से हमने किश्तों में कही भावना की चाह है नही बात कमियों की हम भी तो इंसानों में फरिश्त...Read More

दर्द

April 27, 2015
सिहर - सहम उठता ये ज़माना हर आँख रोई जिंदगी ने जब- जब भी अर्थी मौत की ढोई कहीं टूटे सपनें किसी के छूट गये अपने पाया इस दर्द को जिसने कब...Read More

छलके रंग हैं

March 05, 2015
मनमीत मुस्काये ,छलके रंग हैं होली में सभी के, बहके ढंग हैं लजाये रूपराशि, विकल सजन-नैन प्रीति भाव पल्लवित,महके अंग हैं ---- निरुपमा मि...Read More

बेमौसम बारिश

February 28, 2015
सन्नाटों की गुफ्तगू में अजब तूफान हैं खामोश लफ्जों में शोर दर्द का बयान हैं हुई है बेमौसम बारिश में कोई साजिश सूनी आँखों में भीगे हुए क...Read More

किस काम की

February 27, 2015
कर्म के बिन कामना, किस काम की भाव के बिन भावना, किस काम की लक्ष्य के बिन व्यर्थ है चलना निरन्तर बिन समर्पण साधना, किस काम की ( पुष्पे...Read More

वैलेंटाइन डे?

February 14, 2015
🌺🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀 प्रेम सृष्टा है, प्रेम दाता है प्रेम अनुभूतियों का नाता है तय नहीं प्रेम का दिवस कोई प्रेम हर पल करीब लाता है - पुष्...Read More

वासंती मुक्तक

January 24, 2015
बसंती हो गया मौसम, सुनो ऋतुराज आया है हवा ने छेड़ दी सरगम, सुनो ऋतुराज आया है सुहानी भोर है, तो और मतवाली हुई संध्या नशीली हो गई शबनम, स...Read More

द्वार मन का..

January 15, 2015
द्वार मन का हमारे लिए खोल दो शुष्क मौसम में रस-माधुरी घोल दो क्यों प्रकम्पित अधर, मौन ओढ़े रहें बात दिल में रखो मत, चलो बोल दो - पुष...Read More