ईद का अनमोल तोहफा
ईद का अनमोल तोहफा
ईद की सुबह थी। घर में खुशियों का माहौल था। हर कोई नए कपड़े पहनकर तैयार था, लेकिन अमीर नाम का एक लड़का अपने कमरे में बैठा एक खास सरप्राइज प्लान कर रहा था।
अमीर की माँ एक गरीब महिला थी, जो अपने बेटे के लिए दिन-रात मेहनत करती थी। वह चाहती थी कि अमीर की हर इच्छा पूरी हो, लेकिन अपनी जरूरतों को हमेशा पीछे रखती थी। अमीर जानता था कि उसकी माँ को मोबाइल फोन की जरूरत है, लेकिन वह कभी भी इतना पैसा खर्च नहीं कर सकती थी।
अमीर को ईदी में जो पैसे मिले थे, उसने उनमें से कुछ बचाए थे। कई दिनों तक पैसे इकट्ठा करने के बाद, उसने एक सेकेंड-हैंड मोबाइल फोन खरीदा। उसके लिए यह सिर्फ एक फोन नहीं था, बल्कि अपनी माँ के प्रति प्यार और आभार व्यक्त करने का तरीका था।
जब ईद की नमाज के बाद अमीर घर आया, तो उसकी माँ ने उसे गले लगाया और ईद की मुबारकबाद दी। अमीर ने मुस्कुराते हुए एक छोटा-सा पैकेज उनकी ओर बढ़ाया। माँ ने आश्चर्य से पैकेज खोला और जब उन्होंने अंदर मोबाइल फोन देखा, तो उनकी आँखों में आँसू आ गए।
"बेटा, तुमने मुझे इतना कीमती तोहफा दिया है। मैं बहुत खुश हूँ," माँ ने भावुक होकर कहा।
अमीर ने उनकी ओर देखा और बोला, "माँ, तुमने मेरे लिए पूरी ज़िंदगी मेहनत की है। मैं चाहता हूँ कि अब तुम्हारी ज़िंदगी आसान हो और तुम हमेशा खुश रहो।"
उस दिन, अमीर ने ईद को और भी खास बना दिया। माँ के चेहरे पर आई मुस्कान उसके लिए सबसे बड़ी खुशी थी।
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अब्दुल्लाह खान (स. अ.)
प्रा. वि. बनकटी बेलघाट गोरखपुर
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