Breaking News

शिक्षक की व्यथा


शिक्षक की व्यथा

सेवारत की टेट बाध्यता हटाओ।
पुरानी पेंशन स्कीम बहाल कराओ।

कितनी छोड़े कितनी बताये?
कब समझोगे हमारी व्यथाएँ?  

शैक्षणिक हो या गैर-शैक्षणिक हो कार्य।
प्राथमिकता से सेवा देते हम अनिवार्य ।

छोड़ते नहीं कोई कोर कसर।
 बेहतर प्रयास का हो असर ।

मानक के अनुरूप हुई नियुक्ति क्यों पापी कहलाये।
 विषमता,विवशता को नॉन-टेट शिक्षक अंगीकार करते आए।

क्या टेट क्या नॉन टेट? एक है सबका दर्द।
मिलकर हम सुरक्षित और सम्मानित जीवन की लगाते अर्ज।

✍️
शिखा पाण्डेय
(सहायक अध्यापिका)
प्राथमिक विद्यालय पिपरी 
विकास खंड-बेलघाट
जनपद-गोरखपुर।

कोई टिप्पणी नहीं