उठो युवाओं'
'उठो युवाओं'
उठो युवाओं बन विवेक सा,
दुनियाँ में तुम नाम कमाओ।
सेवा सृजन साधना संयम से,
वसुधा को स्वर्ग बनाओ।।१।।
नर सेवा नारायण सेवा,
दीन दुखी जन अपना मानो।
सद् विवेक का दीप जलाकर,
नर में नारायण पहचानो।।२।।
प्रथम समझ लो अपने पथ को
फिर पथ पर प्रस्थान करो तुम,
विश्वगुरु भारत अपना हो,
ऐसा कुछ संधान करो तुम।।३।।
शक्ति साधना सरल मार्ग से,
नित-आगे तुम बढ़़ते जाओ।
आगम निगम वेद को जानो,
अंतरतम से लड़़ते जाओ।।४।।
दुर्बलता से बल दे लड़़ लो,
अहंकार का कर प्रतिकार।
जाति द्वेष का भेद मिटा दो,
अपनेपन का हो विस्तार।।५।।
विश्व मंच के अभिनेता बन,
वसुधा का सब भार हरो तुम।
सबको एक सूत्र में बांधो,
और गले का हार बनो तुम।।६।।
✍️
रमेश तिवारी"कमल"
प्रभारी प्रधानाध्यापक
प्राथमिक विद्यालय हरमंदिर खुर्द
फरेंदा महराजगंज उत्तर-प्रदेश
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