अपना उत्तर प्रदेश
अपना उत्तर प्रदेश
अपना उत्तर प्रदेश तो भइया
भारत की शान है।
समृद्ध प्राचीन संस्कृति,
हमारी पहचान हैं।
गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि
पावन गोरखपुर स्थान है।
शान्तिप्रिय शहर यह
हरियाली की खान है।
राप्ती का सुंदर तट और
रामगढ़ताल नौकाविहार है
गीताप्रेस की तो बात निराली
सांस्कृतिक धरोहर सम्मान है।
यूपी के हैं जिले पचहत्तर
एक से बढ़कर एक धुरंधर।
अयोध्या ,काशी ,मथुरा-वृंदावन
प्रयागराज है तीरथ धाम।
गंगा यमुना का संगम है
भक्ति प्रेम अपना मजहब है
कलकल बहती नदिया जैसा
निरंतर प्रगति करता प्रदेश है।
वीरों संतों की कर्म भूमि यह
संस्कृति संग आधुनिकता का
अनुपम अद्भुत यहाँ संगम है।
खेतों की हरियाली संग ही
गगन चूंबी इमारतों का गढ़ है।
अपना यूपी सबको भाता
कोई यहाँ कहीं से आता
यहाँ का ही होकर रह.जाता
सबका स्वागत अभिनंदन है
यूपी भारत की धड़कन है।
लेखिका : शालिनी श्रीवास्तव 'सनशाइन'
सहायक अध्यापिका, पीएमश्री कम्पोजिट विद्यालय
गुलहरिया,भटहट, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
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