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रमजान का महीना

रमजान का महीना

 रमजान का महीना आया,
रहमत का बादल छाया।
नूर बरसता चारों ओर,
हर दिल में है साया॥
रमजान का महीना आया
सुब्ह से लेकर शाम तलक,
सब्र का सबक सिखाता।
इबादत से दिल को भरकर,
रब से प्यार कराता॥
रमजान का महीना आया
रोज़े की मिठास निराली,
सच्चाई की राह दिखाए।
भूख-प्यास को सहकर भी,
इंसानियत का पाठ पढ़ाए॥
रमजान का महीना आया 
इफ्तार की रौनक देखो,
हर घर में है उजियारा।
दुआओं से महकी फिज़ा,
जैसे खुदा ने पुकारा॥
रमजान का महीना आया 
आओ मिलकर नेकी करें,
हर किसी की मदद करें।
रमजान का ये पाक महीना,
इंसाफ और अमन भरें॥
रमजान का महीना आया

✍️
अब्दुल्लाह  खान (स.अ.)
प्रा. वि. बनकटी बेलघाट, गोरखपुर

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