होली गीत
होली गीत
होली रंगों का त्यौहार,
खेलो मस्ती में सौ बार,
जीवन जैसा भी हो यार,
सब जग हो जाये गुलजार,
होली रे…......होली रे......१ ।।
होली मौसम का श्रृंगार,
पहने है फूलों का हार,
चाहे जीत मिले या हार,
सब में रसा बसा हो प्यार,
होली रे…......होली रे......२।।
मस्ती कर लो हैं दिन चार,
छोड़ो नफरत का व्यापार,
चाहे शत्रु मिले या यार ,
छोटे बड़े सभी को प्यार,
होली रे......होली रे......३।।
होली हृदय भरा हो प्यार,
ये है यौवन का व्यवहार,
कर लो रंगों की बौछार,
मस्ती में डूबा संसार,
होली रे......होली रे....४।।
होली मस्ती है हुडदंग,
गर उसमे मिल जाये भंग,
बूढ़े बच्चों के संग-संग,
कोई ना हो किसी से तंग
होली रे........होली रे........५।।
पीले हरे गुलाबी रंग ,
ढोलक झाल बजे मृदंग,
बचपन के साथी हों संग,
कपड़े फटें हों नंगधडंग,
होली रे.....होली रे......६।।
होली हसरत की बाजार,
जिससे जीवन है गुलजार,
सब पर डालो रंग फुहार,
कर सर्वस्व समर्पण यार
होली रे.....होली रे........७।।
होली हृदय भरो सत्कार,
घर से निकलो हो तैयार,
सज गयी रंगों से बाजार,
रूठे जो कर लो मनुहार,
होली रे....होली रे....८।।
✍️
रमेश तिवारी (स० अ०)
प्राथमिक विद्यालय हरमन्दिर खुर्द
क्षेत्र-फरेन्दा
जिला-महाराजगंज,उत्तर-प्रदेश
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