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दोहे

जनवरी 27, 2015
विपदा के दिन भी भले, रहते हैं दिन चार हित-अनहित का भेद दें, सिखायें जगत सार अंखियन की आशायें ,लखे सहज मनमीत हृदय सुनाये क्यों वही, विर...Read More

श्रृद्धांजलि

जनवरी 27, 2015
चित्रों मे मर्म तीखा सच्चा था वो तरीका सब चित्र बोलते थे कहने का था सलीका सब लोग समझ लेते उस चित्र की कहानी थीं बात ज़िन्दग़ी की भर...Read More

बाल पत्रिका:स्वरुप परिवर्तन की आवश्यकता

जनवरी 26, 2015
बाल मन कोरे कागज़ की तरह होता है जिसपर जैसी छाप दी जाएगी बच्चा वैसा ही आगे चलकर व्यव्हार करता है।इसलिए ये निहायत ही जरूरी है कि बच्चों के म...Read More

जीवन चक्र

जनवरी 26, 2015
जन्म' आह्लाद की गठरी। ठहाके.... फ़िर... पथ संघर्ष का और उसपर घिसटता काल चक्र और उससे स्पर्धा करता जीवन और पीछे छूटते.... ...Read More

मेरे अपने

जनवरी 25, 2015
जब वह नज़दीक से गुजरे, बरबस ! झुक गई नज़रें, अब उठना नही चाहती थीं क्योंकि आभास था उन्हे 'अपनेपन' की कुटिलता का कितनी ही बार...Read More

वासंती मुक्तक

जनवरी 24, 2015
बसंती हो गया मौसम, सुनो ऋतुराज आया है हवा ने छेड़ दी सरगम, सुनो ऋतुराज आया है सुहानी भोर है, तो और मतवाली हुई संध्या नशीली हो गई शबनम, स...Read More