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दिल फिर से बसाया है

December 16, 2015
बहुत वीरान था ये दिल इसे फिर से बसाया है तुम्हारी चाहतों से ही ये गुलशन जगमगाया है गुलों की बेरुखी से ख़ार ग़म में डूब जाते हैं यही वो प...Read More