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क्योंकि शिक्षक डरा हुआ है।

बोझ लेखे का बढ़ा हुआ है,
शिक्षक बाबू बना हुआ है,
छात्र आख्या नहीं है पूरी,
शिक्षक डायरी पड़ी अधूरी,
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि शिक्षक डरा हुआ है।

एम0डी0एम0 बनवाना है,
सौदा हाट से लाना है,
खाद्यान्न अभी उठा नहीं है,
समय पर स्कूल भी जाना है,
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि................।

अभिभावक खेतों में जाते हैं,
बच्चों से काम कराते हैं,
शिक्षक ढूंढें गली-मोहल्ला,
फिर भी हाथ न आते हैं।
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि..............।

कुर्सी मेजें टूट गईं हैं,
दरवाज़े मुँह बना रहे हैं,
खाते में धन मिला नहीं है,
रंग-रोगन करवाना है,
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि...............।

पेयजल भी साफ़ नहीं है,
बीमारी ने पैर पसारे हैं,
पंचायत से दस बार कहा है,
तब हैंडपंप रिबोर हुआ है,
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि ...............।

चारदीवारी गिरी हुई है,
प्रांगण में पानी भरा हुआ है,
घास उग रही सीना ताने,
"स्वच्छ और सुन्दर स्कूल" लिखा है,
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि...............।

नेता हों या पत्रकार हों,
लेखपाल या ग्राम प्रधान,
जाँच रहे स्कूल सभी हैं,
बन्दर घुड़की दिखा रहे हैं,
कैसे आये गुणवत्ता,
क्योंकि शिक्षक डरा हुआ है।

लेखिका
कविता तिवारी
प्रा0वि0 गाजीपुर (प्रथम),
विकास खण्ड-बहुआ,
जनपद फतेहपुर।

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