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हिंदी की महत्ता और वर्तमान में उसकी दुर्दशा का उल्लेख करते कुछ दोहे

सितंबर 14, 2015
आज प्रतीकात्मक रूप से मनाये जाने वाले हिंदी दिवस के दिन हिंदी की महत्ता और वर्तमान में उसकी दुर्दशा का उल्लेख करते कुछ दोहे। हिंदी हिन...Read More

चेहरे

अगस्त 20, 2015
नकाबों में छुपे हैं चेहरे कितने झूठे थे ख्वाब जो, वो सुनहरे कितने निगाहें भी निगेहबां भी हमारे वो दिखाये अक्स जो, वो दोहरे कितने ---- ...Read More

कृतज्ञ राष्ट्र की भावभीनी श्रृद्धांजलि, सलाम हमारा आदरणीय कलाम जी को,,,

जुलाई 28, 2015
गर्व उन्नत भाल के थे सम्मान, विजय-तिलक सरीखे राष्ट्र-नयनों ने उनके संग निज स्वप्न हैं सफल देखे शिक्षक थे हिंदुस्तानी, तो शिक्षक समान ही ...Read More

उठो साथी

जुलाई 11, 2015
तुम्हारा आचरण हर कर्म का उपमान हो जाये तुम्हारा हर कदम माँ भारती की शान हो जाये उठो साथी कलम लेकर करो कुछ सर्जना ऐसी तुम्हारा लेख इस यु...Read More

थाह

जून 22, 2015
कौन है अपना कौन पराया थाह मिलेगी कहाँ जो सरल है उसे सहजता से राह मिलेगी कहाँ जब तक न पहचानेंगे नयन रंग इस संसार के सपन को साकार करने की...Read More