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दिल्ली सिंहनाद

दिल्ली सिंहनाद
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जय बोलो वीर अटेवा की ,
दिल्ली में सिंहनाद करो  ,
संघर्षों की ले चलो मशालें ,
दिल्ली का चेहरा लाल करो ।


सोयी हुई सरकार जगा दो ,
पुरानी पेंशन बहाल करो ,
माननीय क्यों आच्छादित है ,
ये तीखा आज सवाल करो ।


हम कलपुर्जे हैं सरकारी ,
सरकार चले हमसे सारी ,
छीनो न अधिकार हमारा ,
न घात करो हम पर भारी ।


ये नाव मंझधार फँसी है ,
इसको मिलकर पार करो ,
जो छीने अधिकार तुम्हारा ,
उसका तुम प्रतिकार करो ।


दिल्ली की सड़कें तपती हैं ,
फिर भी सैलाब उमड़ता है ,
क्या दिल्ली अनसुना करेगी,
ये मन में प्रश्न घुमड़ता है  ।


बर्फ जमी है सत्ता के गलियारों में
  विजय  ' बन्धु ' संघर्ष करो  ,
कब तक  मुग्ध रहेगी दिल्ली ,
अपनी  जय के  नारों  में ।


चिंगारी से कुछ न होगा ,
बात करो अंगारों की ,
जोश भरो तुम हुंकारों में ,
और नींद उड़ा दो दिल्ली की ।


✍ रचनाकार : 
     प्रदीप तेवतिया
     हिन्दी सहसमन्वयक
     वि0ख0 - सिम्भावली,
     जनपद - हापुड़
     सम्पर्क : 8859850623

16 comments:

  1. आधुनिक कविता के पितहमाह भीष्म

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  2. Pradeep ji
    Atewa ke nayak vijay bandhu ji hai
    Atewa ke liye jo support aap ne kiya hai uska koi mol nahi
    Atewa aur Atewians ke andr hai barood bhara
    Aap ki kavita ne bisfot kar diya
    Naman
    Naman
    Manan

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  3. शिक्षकों में संघर्ष की ज्वाला प्रज्वलित करने के लिए आभार।

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  4. हमेशा आपकी कवितायें उत्साहित करने वाली व शिक्षक हित में प्रेणात्मक होती है।बहुत ही बढ़़िया कविता है।

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  5. हमेशा आपकी कवितायें उत्साहित करने वाली व शिक्षक हित में प्रेणात्मक होती है।बहुत ही बढ़़िया कविता है।

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    Replies
    1. प्रेरणात्मक पढ़े।

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  6. हापुड जनपद की आन बान शान है आप💐💐💐💐

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  7. धन्य हैं आप प्रदीप जी
    दिल कहता है आज आप का मान करू
    आभारी अटीवियांस है तुम्हारा
    अतेवियनस के मन के उदगारों को
    आपकी कलम ने मान दिया

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  8. सहरानीय,अतुलनीय रचना

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  9. ओजस्वी विचारधारा के पोषक कवि को बहुत शुभकामनाएं

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  10. अति अद्भुत एवं प्रेरणा दायक कविता

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  11. अति अद्भुत एवं प्रेरणा दायक कविता ।

    प्रदीप जी , आपकी कविताओं से हमें हमेशा प्रेरणा मिलती रही है ।

    हमें पूर्ण विश्वास है कि बन्धू जी के संघर्ष, सभी अटेवियंस साथियों की मेहनत और आप जैसे साथियों की प्रेरणासे हमें पुरानी पाने से अब कोई नहीं रोक सकता ।

    30 अप्रैल, दिल्ली चलो।
    जय युवा जय आटेवा ।

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