Breaking News

शिक्षक

अंग्रेजों की यह समझ कि ‘भारतीयों से उनका देश नहीं संभालेगा’ और आज भारतीय पुरुषों की यह सोच कि ‘औरतों से घर के बाहर कुछ भी नहीं संभलेगा’ तथा नौकरशाहों की यह समझ कि ‘शिक्षकों से स्कूल नहीं संभलेगा’, सामंती सोच की ही देन है। 

जिस शिक्षक समुदाय पर हम इतना भरोसा करते हैं कि वे भावी पीढ़ी का निर्माण करेंगे, उस पर यह संदेह कि वे शिक्षा के संसाधनों का सही इस्तेमाल, प्रक्रियाओं का निर्धारण और नीतिगत निर्णय नहीं कर सकते। इस तरह की सोच शिक्षक समुदाय को हीन समझने की मानसिकता का ही परिचायक है।


उक्त भाव को समाहित करते हुए एक कविता आपके समक्ष प्रस्तुत है। 

शिक्षक, तुम देश के निर्माता,
तुम हो भावी पीढ़ी के आधार।
तुमसे ही बनती है सभ्यता,
तुमसे ही बनता है समाज।

अंग्रेजों ने कहा था,
"भारतीयों से उनका देश नहीं संभालेगा।"
आज भारतीय पुरुष कहते हैं,
"औरतों से घर के बाहर कुछ भी नहीं संभलेगा।"
और नौकरशाह कहते हैं,
"शिक्षकों से स्कूल नहीं संभलेगा।"

पर हम जानते हैं,
तुम सबकी सोच गलत है।
तुम सभी की मानसिकता सामंती है।

शिक्षक, तुम हो ज्ञान के प्रकाशक,
तुम हो कला के संवाहक।
तुम हो विज्ञान के प्रचारक,
तुम हो मानवता के रक्षक।

तुम ही हो देश के विकास के आधार,
तुम ही हो समाज के उत्थान के लिए।
तुम ही हो भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए।

इसलिए,
शिक्षकों को अवसर दें,
शिक्षकों को सम्मान दें,
शिक्षकों को स्वतंत्रता दें,
शिक्षकों को अधिकार दें,
शिक्षकों को आत्मविश्वास दें।


✍️  लेखक : प्रवीण त्रिवेदी
शिक्षा, शिक्षण और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों के लिए समर्पित
फतेहपुर, आजकल बात कहने के लिए कविता उनका नया हथियार बना हुआ है। 


परिचय

बेसिक शिक्षक के रूप में कार्यरत आकांक्षी जनपद फ़तेहपुर से आने वाले "प्रवीण त्रिवेदी" शिक्षा से जुड़े लगभग हर मामलों पर और हर फोरम पर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। शिक्षा के नीतिगत पहलू से लेकर विद्यालय के अंदर बच्चों के अधिकार व उनकी आवाजें और शिक्षकों की शिक्षण से लेकर उनकी सेवाओं की समस्याओं और समाधान पर वह लगातार सक्रिय रहते हैं।

शिक्षा विशेष रूप से "प्राथमिक शिक्षा" को लेकर उनके आलेख कई पत्र पत्रिकाओं , साइट्स और समाचार पत्रों में लगातार प्रकाशित होते रहते हैं। "प्राइमरी का मास्टर" ब्लॉग के जरिये भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों और सामजिक सरोकारों पर बराबर सार्वजनिक चर्चा व उसके समाधान को लेकर लगातार सक्रियता से मुखर रहते है।


कोई टिप्पणी नहीं