राम लिए अवतार
धन्य भाग्य भारत की भू पर राम लिए अवतार
धन्य भाग्य भारत की भू पर , राम लिए अवतार।
भक्तों के संकट की पीड़ा, रहती उन्हे अपार।
राम तुम्हारा अभिनंदन है, जग का तुम संताप हरो।
काल क्रूर अन्यायी निश्चर, पापी का तुम पाप हरो।
जाने कितने बीत गये दिन, करते हि इंतजार।
धन्य भाग्य भारत की भू पर , राम लिए अवतार।
दशरथ महल सुनी किलकारी, अवधपुरी खुशियाँ छायी।
घर घर दीप जलाकर सबने, शुभ दीपावली मनायी।
झूम उठा खुशियों से राजा, दशरथ का परिवार।
धन्य भाग्य भारत की भू पर , राम लिए अवतार।
चौथेपन सुत चार मिले जब, दशरथ मन हर्षाया है।
देव लोक से सब देवों ने, पुष्पों को बरषाया है।
श्रृंगी ऋषि ने यज्ञ कराया, गुरु वशिष्ठ आधार।
धन्य भाग्य भारत की भू पर , राम लिए अवतार।
शुक्ल पक्ष नवमी तिथि पावन, चैत्र मास अपनाया है।
मर्यादापुरुषोत्तम राघव , का जन्मोत्सव आया है।
रंजन बिहँसि मनाओं खुशियाँ, हो जीवन उद्धार।
धन्य भाग्य भारत की भू पर , राम लिए अवतार।
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राजेश तिवारी"रंजन"
बाँदा उत्तर प्रदेश
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