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परिवार

कक्षा 5 हमारा परिवेश के पाठ्यक्रम
परिवार काव्य रूप में

आओं बच्चों तुम्हें पढ़ायें आज हम परिवार
परिवार से ही होती है अपनी पहचान।
इस दुनिया के दो तरह के होते हैं परिवार
पहला है एकाकी,दूजा है संयुक्त परिवार।

आओं बच्चों तुम्हें पढ़ायें आज हम परिवार
परिवार से ही होती है अपनी पहचान।

एकाकी परिवार में होते हैं कम लोग
संयुक्त परिवार में होते हैं दस बीस लोग।
एकाकी परिवार में माता पिता व बच्चें
मन से सारे भोले मन से सब सच्चें।

आओं बच्चों तुम्हें पढ़ायें आज हम परिवार
परिवार से ही होती है अपनी पहचान।

संयुक्त परिवार तो बहुत ही बड़ा है
आगे पीछे,पीछे आगे कौन-कौन खड़ा है।
अब बच्चों हम जानेंगे संयुक्त परिवार
जिस घर में होती है बच्चों की भरमार।

माता पिता भी होते हैं दादा दादी होते हैं
ताई ताऊ होते हैं चाचा चाची होते हैं।
और बहुत बच्चों से मिलकर
बन जाता है संयुक्त परिवार।

आओं बच्चों तुम्हें पढ़ायें आज हम परिवार
परिवार से ही होती है अपनी पहचान।

अब हमारे लिए जरूरी बनता है परिवार
सुख दुःख का साथी है मेरा परिवार।
कष्ट में काम आता है परिवार
खुशियों में संग हँसाता है परिवार।

आओं बच्चों तुम्हें पढ़ायें आज हम परिवार।
परिवार से ही होती है अपनी पहचान।


रचयिता
दीपक कुमार यादव (स•अ•)
प्रा वि मासाडीह
विकास खण्ड महसी
जनपद बहराइच (उ•प्र•)
मोबाइल•
9956521700

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