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मतदाता जागरूकता गीत

वर्तमान समय में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशन में निर्वाचन साक्षरता के स्वीप कार्यक्रम के अन्तर्गत चुनावी पाठशाला , निर्वाचक साक्षरता क्लब के गठन आदि विभिन्न कार्यक्रम संचालित हैं। इसी संदर्भ में प्रस्तुत है एक मतदाता जागरूकता गीत

     मतदाता जागरूकता गीत
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लोकतंत्र की वेदी पर ,
यज्ञ चुनावी होता है ,
जाग - जाग मतदाता ,
क्यों तू अब सोता है  ।

मदिरा - पैसों के चक्कर में ,
क्यों अपनी गरिमा खोता है ,
तू जाग - जाग तेरी वोटों से ,
सत्ता का परिवर्तन होता है ।

अरे ! ये नेता तो सेवकचर हैं ,
क्यों भाग्य -विधाता मान रहा ,
तू है इनकी वोटों का दाता ,
निज को याचक मान रहा ।

आजादी से जीवनदान मिला है ,
तुझको तेरा ये संविधान मिला है ,
अरे ! अब जाग - जाग मतदाता ,
तू अपने भाग्य का स्वयं विधाता ।

भय - लालच को त्यागो ,
अब चुन लो राष्ट्रनिर्माता ,
करो मतदान आज तुम ,
ये आलस नही सुहाता ।

धरा आज पुलकित है ,
यह देख गगन मुस्काता ,
आजादी के दीवानों का ,
तू उत्सव आज मनाता ।

जागो - जागो मतदाता, अरे ,
अपने भाग्य का संधान करो ,
नव - सत्ता का निर्माण करो ,
मतदान करो , मतदान करो ।

न इसमें कुछ व्यवधान करो , 
शहीदों का तुम सम्मान करो ,
अपनी शक्ति की पहचान करो ,
मतदान करो , मतदान करो ।

जाति-धर्म का भेद मिटाकर ,
तुम कर्तव्य आज महान करो ,
जो न करो मतदान आज तो ,
तुम्हे मिले गुलामी ध्यान करो ,
मतदान करो , मतदान करो ।


✍ रचनाकार : 
     प्रदीप तेवतिया
     हिन्दी सहसमन्वयक
     वि0ख0 - सिम्भावली,
     जनपद - हापुड़
     सम्पर्क : 8859850623

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